आज शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को वैश्विक ऊर्जा बाजार में मची भारी हलचल के बीच भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत और चिंता की मिली-जुली खबरें आ रही हैं। खाड़ी देशों में जारी सैन्य तनाव और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में जहाजों की आवाजाही ठप होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल (Brent Crude) $103 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है। इसके बावजूद, केंद्र सरकार ने घरेलू कीमतों में भारी वृद्धि की अफवाहों पर पूर्णविराम लगा दिया है।
भारी बढ़ोतरी की खबरें महज अफवाह
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि विधानसभा चुनावों के संपन्न होते ही ईंधन की कीमतों में ₹25 से ₹28 तक का इजाफा होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कीमतों में इतनी बड़ी वृद्धि का कोई भी प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है और सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
महानगरों का हाल: कहीं स्थिरता, कहीं मामूली बदलाव
आज देश के प्रमुख महानगरों में कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और मुंबई में ₹103.54 पर टिका है। वहीं, कोलकाता में 4 पैसे की मामूली बढ़त और चेन्नई में 13 पैसे की हल्की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली से सटे एनसीआर के इलाकों जैसे नोएडा और गुरुग्राम में आज ईंधन थोड़ा सस्ता हुआ है, जिससे स्थानीय वाहन चालकों को राहत मिली है।
तेल कंपनियों पर बढ़ता दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लागत 50% से ज्यादा बढ़ चुकी है, लेकिन घरेलू पंप रेट्स पिछले चार साल से लगभग फ्रीज हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियां वर्तमान में पेट्रोल पर ₹20 और डीजल पर भारी घाटा उठा रही हैं। सरकार की प्राथमिकता फिलहाल सप्लाई चेन को सुरक्षित रखना है, क्योंकि गुजरात के कांडला की ओर आने वाले कई मालवाहक जहाज मध्य-पूर्व के तनावपूर्ण हालातों के कारण रास्ते में फंसे हुए हैं।