ताजा खबर
विक्रम के बर्थडे पर ‘चियान 63’ का फर्स्ट फ्लेम टीज़र रिलीज़ हुआ, फैंस बोले—अब आएगा असली धमाका!   ||    सलमान खान की नई फिल्म का धमाकेदार आगाज़, वामशी पैडिपल्ली के साथ शुरू हुई मेगा एंटरटेनर की शूटिंग!   ||    “सुल्तान से कोई मुकाबला नहीं” — ‘Glory’ लॉन्च पर पुलकित सम्राट ने सलमान खान को बताया असली OG   ||    यामिनी मल्होत्रा की लग्ज़री छलांग—करोडो की मर्सिडीज खरीदी   ||    ‘पति पत्नी और वो दो’ की नई रिलीज डेट फाइनल!   ||    CBSE 12वीं रिजल्ट 2026: अप्रैल के अंत तक आ सकते हैं नतीजे; 18 लाख से ज्यादा छात्रों की धड़कनें तेज   ||    IPL 2026: KKR की लगातार हार से बढ़ा दबाव, गुजरात टाइटंस ने रोमांचक मुकाबले में मारी बाजी   ||    कश्मीर में भूकंप के झटके, लोग घरों से बाहर निकले   ||    प्रियंका गांधी ने कहा कि सीटें बढ़ाना सत्ता में बने रहने की साजिश थी।   ||    Shreyas Iyer का बड़ा बयान - आईपीएल खिताब जीतना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य   ||   

संसद में महिला आरक्षण संशोधन बिल गिरा, सरकार की रणनीति पर उठे सवाल

Photo Source :

Posted On:Saturday, April 18, 2026

नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन (131वां) विधेयक को बड़ा झटका लगा है। लोकसभा में हुए मतदान में यह बिल आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर सका और 54 वोटों से खारिज हो गया। सदन में मौजूद 528 सांसदों में से 298 ने इसके पक्ष में मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया। हालांकि, इस तरह के संशोधन को पारित करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, जो सरकार जुटा नहीं पाई।

इस घटनाक्रम के बाद सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले दो अन्य अहम विधेयकपरिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026—को फिलहाल टाल दिया गया है। संसदीय कार्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्य बिल के पारित न होने के कारण संबंधित विधेयकों पर आगे बढ़ना उचित नहीं समझा गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि महिला आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया अब और जटिल हो गई है। संविधान संशोधन के बिना लोकसभा सीटों की संख्या में वृद्धि और परिसीमन संभव नहीं होगा, जो इस नीति का आधार माना जा रहा था। इससे 2029 के आम चुनाव भी मौजूदा 543 सीटों पर ही होने की संभावना बढ़ गई है।

संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत ऐसे संशोधन के लिए दोनों सदनों में विशेष बहुमत आवश्यक होता है, जबकि अनुच्छेद 108 के अनुसार इस तरह के मामलों में संयुक्त सत्र बुलाने का प्रावधान नहीं है। ऐसे में सरकार के पास अब विकल्प सीमित हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि केंद्र सरकार आगामी सत्र में संशोधित प्रस्ताव के साथ फिर से प्रयास कर सकती है। इसके लिए विपक्ष के साथ सहमति बनाना और राज्यों के बीच संतुलन बनाए रखना अहम होगा।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.