ताजा खबर
कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||    ब्रिटेन से निकाले जाएंगे लाखों मुसलमान! भारत पर सबसे ज्यादा असर कैसे?   ||   

14 जुलाई का इतिहास: भारतीय और विश्व इतिहास में दर्ज हैं कई महत्वपूर्ण घटनाएं

Photo Source :

Posted On:Monday, July 14, 2025

हर दिन अपने साथ इतिहास की झलकियाँ लेकर आता है, लेकिन 14 जुलाई का दिन भारत और विश्व इतिहास में राजनीतिक क्रांति, स्वतंत्रता आंदोलनों और सांस्कृतिक घटनाओं के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। यह तारीख दुनिया की सबसे ऐतिहासिक घटनाओं में से एक – फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत का प्रतीक है। इसके अलावा भारत समेत कई देशों में इस दिन अनेक ऐतिहासिक घटनाएं घटित हुई हैं, जिनका प्रभाव आज भी महसूस किया जा सकता है।

आइए जानें 14 जुलाई के दिन इतिहास में क्या-क्या घटा:


विश्व इतिहास में 14 जुलाई की महत्वपूर्ण घटनाएं

1789 – बास्तील किले का पतन (फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत)

4 जुलाई 1789 को फ्रांस की राजधानी पेरिस में क्रांति की चिंगारी फूटी जब विद्रोहियों ने बास्तील किले पर हमला कर दिया। यह किला राजा की निरंकुश सत्ता और अत्याचार का प्रतीक था। इसके पतन ने फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत कर दी, जिसने "स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व" के सिद्धांत को जन्म दिया।

इस घटना के उपलक्ष्य में फ्रांस हर साल 14 जुलाई को 'बास्तील डे' के रूप में मनाता है, जो राष्ट्रीय पर्व का रूप ले चुका है।

🇺🇸 1798 – अमेरिका में "सिडिशन एक्ट" पारित

अमेरिकी कांग्रेस ने 14 जुलाई को Alien and Sedition Act पारित किया, जिसके तहत सरकार की आलोचना करने वालों को जेल भेजा जा सकता था। यह कानून प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला माना गया।

1965 – नासा का अंतरिक्ष यान "Mariner 4" मंगल ग्रह के पास पहुँचा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का यान "Mariner 4" पहली बार मंगल ग्रह के बहुत करीब पहुंचा और मंगल की सतह की पहली क्लोज-अप तस्वीरें पृथ्वी पर भेजीं।

🇬🇧 2005 – ब्रिटेन में हुए बम धमाकों के 4 संदिग्धों की पहचान

14 जुलाई 2005 को लंदन मेट्रो बम धमाकों के 4 संदिग्ध आत्मघाती हमलावरों की पहचान सार्वजनिक की गई, जिससे आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में नई बहस शुरू हुई।


🇮🇳 भारत के इतिहास में 14 जुलाई की प्रमुख घटनाएं
1942 – भारत छोड़ो आंदोलन की रूपरेखा बनी

हालांकि भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त को शुरू हुआ था, लेकिन महात्मा गांधी और कांग्रेस नेताओं ने इसकी रणनीति 14 जुलाई 1942 को तैयार की थी, जिसमें ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वत्रता की मांग की गई थी।

1914 – कवि और लेखक गुरुदत्त का जन्म

14 जुलाई 1914 को प्रसिद्ध हिंदी लेखक गुरुदत्त का जन्म हुआ। वे हिंदी साहित्य की छायावादी धारा से जुड़े रहे और उन्होंने कई सामाजिक व राजनीतिक विषयों पर लेखनी चलाई।

1903 – जैव रसायनज्ञ वी. रामलिंगस्वामी का जन्म

प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिक और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. वासुदेवन रामलिंगस्वामी का जन्म इसी दिन हुआ था। उन्होंने भारत में पोषण और स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया।


14 जुलाई से जुड़े अन्य प्रमुख घटनाक्रम

1867 – शिक्षक और समाज सुधारक मीराबाई रचित 'संत साहित्य' का संकलन शुरू हुआ

भारत में संत साहित्य को संरक्षित करने के उद्देश्य से ब्रिटिश शासन के अंतर्गत पहली बार मीराबाई और तुलसीदास जैसे संतों की रचनाओं का संकलन शुरू किया गया।

1910 – विज्ञान कथा के जनक विलियम हेनरी हडसन का निधन

अंग्रेजी साहित्य में "Nature Writing" और "Science Fiction" को लोकप्रिय बनाने वाले हडसन का निधन इसी दिन हुआ। उनकी रचनाएं आज भी साहित्यप्रेमियों द्वारा पढ़ी जाती हैं।


आज का दिन क्यों है खास?

  • फ्रांस में आज का दिन राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है। "बास्तील डे" पर सैनिक परेड, आतिशबाजी और संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

  • विश्व के कई देशों में आज के दिन को "लोकतंत्र के प्रतीक" के रूप में देखा जाता है।

  • इतिहास प्रेमियों और छात्रों के लिए यह दिन विशेष रूप से ज्ञानवर्धक है, क्योंकि इस दिन ने सत्ता, स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों को लेकर नए दृष्टिकोण की नींव रखी।


निष्कर्ष

14 जुलाई का दिन दुनिया की सबसे शक्तिशाली घटनाओं में से एक का गवाह रहा है – चाहे वह फ्रांसीसी क्रांति हो या भारत में स्वतंत्रता संग्राम की रणनीति। यह दिन हमें सिखाता है कि जब लोग एकजुट होते हैं, तो वे बदलाव की लहर ला सकते हैं।

इस ऐतिहासिक दिन को याद रखना न केवल हमें हमारे अतीत से जोड़ता है, बल्कि यह भी प्रेरित करता है कि हम वर्तमान और भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करें।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.