ताजा खबर
कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||    ब्रिटेन से निकाले जाएंगे लाखों मुसलमान! भारत पर सबसे ज्यादा असर कैसे?   ||   

Ram Katha : विभीषण के अलावा लंका के एक खास व्यक्ति ने भी की थी श्रीराम की मदद, पढ़ें पूरी रोचक स्टोरी

Photo Source :

Posted On:Saturday, January 13, 2024

राम सिया राम के इस एपिसोड में हम राम, लक्ष्मण और सीताजी समेत रामचरित मानस के कई पात्रों पर चर्चा कर रहे हैं। भगवान श्री राम की लंका में विभीषण के अलावा भी कई ऐसे लोग थे जो धर्म की मर्यादा को भली-भांति समझते थे और समय आने पर उन्होंने भगवान श्री राम का साथ दिया और पूरा सहयोग दिया। तो आइए जानते हैं ऐसे ही एक पात्र के बारे में जो लंका में रहता था, लेकिन संकट के समय उसने श्री राम की मदद भी की थी।

श्री रामचरित मानस में भगवान श्री राम के संपूर्ण जीवन का विस्तार से वर्णन किया गया है। माता सीता के हरण के बाद भगवान श्री राम ने लंका पर आक्रमण कर दिया। इस दौरान लंका के राजा रावण के भाई विभीषण ने भगवान रावण और लंका का त्याग कर भगवान श्री राम की शरण ली। लंका विजय में उन्होंने भगवान श्री राम के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

यह भी वर्णित है कि रावण के दूसरे भाई, शक्तिशाली कुम्भकरण ने भी रावण को युद्ध छोड़कर श्री राम की शरण में जाने की सलाह दी थी। लेकिन रावण ने उसकी बात नहीं मानी और कुंभकरण भी रणचंडी के रूप में बलिदान हुआ। कहा जाता है कि एक बार युद्ध के दौरान रावण के पुत्र मेघनाद ने लक्ष्मण पर वीरतापूर्ण शक्ति का प्रयोग किया था।

इस शक्ति के प्रभाव से लक्ष्मणजी मूर्छित हो गये। कहा जाता है कि इस शक्ति के प्रभाव से लक्ष्मणजी पूरी तरह से बेहोश हो गए थे। संकट के इस समय में जब भगवान राम अस्वस्थ हो गए तो विभीषण की सलाह पर लंका के राजा सुषेण को लक्ष्मण के इलाज के लिए बुलाया गया। इस कठिन परिस्थिति में सुषेण वैद्य ने अपनी जान की परवाह किए बिना भगवान श्री राम का साथ दिया और लक्ष्मण का इलाज किया। लक्ष्मणजी के ठीक होने के बाद ही सुषेण वैद्य को वापस लंका भेजा गया।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.