ताजा खबर
कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||    ब्रिटेन से निकाले जाएंगे लाखों मुसलमान! भारत पर सबसे ज्यादा असर कैसे?   ||   

भगवान शिव खूद करते हैं इस मंदिर की रक्षा, स्थापना के पीछे के पीछे है रोचक कहानी, यहां जानिए !

Photo Source :

Posted On:Wednesday, March 15, 2023

महादेव को देवों का देव माना जाता है। हिंदू धर्म में हर शिव मंदिर का बहुत महत्व होता है। हालाँकि, ज्योतिर्लिंग के महत्व का एक और स्तर है। ऐसा कहा जाता है कि जीवन काल में कम से कम एक बार 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने चाहिए। इन 12 ज्योतिर्लिंगों में काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भी शामिल है। शिव भक्त के लिए कम से कम एक बार इस मंदिर के दर्शन करना बहुत जरूरी है। यह मंदिर वाराणसी में पवित्र गंगा के तट पर स्थित है। इसे हिंदू शहरों में सबसे पवित्र माना जाता है।

काशी विश्वनाथ मंदिर को व्यापक रूप से हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण पूजा स्थलों में से एक माना जाता है। काशी विश्वनाथ मंदिर के अंदर शिव, विश्वेश्वर या विश्वनाथ का ज्योतिर्लिंग है। शिवपुराण के अनुसार जब प्रलयकाल में समस्त संसार का नाश हो जाता है, उस समय भी काशी नगरी अपने स्थान पर रहती है। कहा जाता है कि प्रलय आने पर महादेव इस नगरी को अपने त्रिशूल पर धारण करते हैं और सृष्टि निर्माण का समय आने पर इसे नीचे उतार लेते हैं। इसका अर्थ है कि स्वयं महादेव इस नगर की रक्षा करते हैं।

धर्म शास्त्रों के अनुसार काशी में प्राण त्यागने वाले व्यक्ति को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिल जाती है। पुराणों में काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के बारे में कहा गया है कि महादेव और माता पार्वती के विवाह के बाद भी माता पार्वती अपने पिता के घर रहती हैं। एक बार उसने अपने पति महादेव से उसे अपने साथ ले जाने के लिए कहा। इसके बाद महादेव माता पार्वती को इस पवित्र नगरी काशे में ले आए। इसलिए वे वहां विश्वनाथ-ज्योतिर्लिंग के रूप में रहे। मान्यता के अनुसार इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से ही व्यक्ति के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने इस पर पांच मंडप बनवाए थे। बाद में 1853 में पंजाब के राजा रणजीत सिंह ने मंदिर के शिखर को 22 टन सोने से मढ़वाया।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.