ताजा खबर
राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर 2’ को बताया गेम-चेंजर, कहा – “गॉडफादर का भी गॉडफादर”   ||    कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||   

यूरोप को यूक्रेन के रास्ते से रूसी गैस की सप्लाई हुई बंद, जेलेंस्की ने नहीं बढाया 5 साल पुराना एग्रीमेंट, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Wednesday, January 1, 2025

मुंबई, 01 जनवरी, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। रूस की सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी गाजप्रोम और यूक्रेन के बीच पाइपलाइन के जरिए यूरोपीय देशों को गैस भेजने का समझौता अब टूट गया है। अलजजीरा के मुताबिक गाजप्रोम ने इसकी पुष्टि की है। इसके साथ ही रूस और यूक्रेन के बीच बचा हुआ आखिरी कारोबारी और राजनीतिक समझौता अब खत्म हो चुका है। समझौते के टूटने से अब यूरोप के कई देशों तक रूसी प्राकृतिक गैस का निर्यात रुक गया है। रूसी कंपनी गाजप्रोम ट्रांजिट एग्रीमेंट के तहत जंग के दौरान भी स्लोवाकिया, मोल्दोवा और हंगरी समेत कई देशों को प्राकृतिक गैस भेजती थी। यूक्रेन के ऊर्जा मंत्री जर्मन गैलुशेंको ने एक बयान में कहा, हमने रूसी गैस के ट्रांजिट को रोक दिया है। यह एक ऐतिहासिक घटना है। रूस अपने बाजार खो रहा है, उसे वित्तीय नुकसान होगा।

यूरोपीय देशों के गैस भेजने के लिए ट्रांजिट एग्रीमेंट की शुरुआत 2019 में हुई थी। इसे 31 दिसंबर 2024 को खत्म होना था। यूक्रेन ने इस एग्रीमेंट को रिन्यू करने से इनकार कर दिया था। स्लोवाकिया के PM रॉबर्ट फिको और हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन कई सप्ताह से ट्रांजिट एग्रीमेंट रद्द न करने को लेकर यूक्रेन को मनाने की कोशिश कर रहे थे। उनकी कोशिश नाकाफी साबित हुई। ये दोनों यूरोपीय नेता पुतिन समर्थक माने जाते हैं। गैस न मिलने की आशंका के चलते रॉबर्ट फिको पिछले सप्ताह पुतिन से मिलने मॉस्को पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि अगर यूक्रेन ने ट्रांजिट डील को रिन्यू नहीं किया तो स्लोवाकिया, यूक्रेन की बिजली सप्लाई रोक देगा। इस धमकी पर यूक्रेन ने कहा था कि उन्हें इसकी परवाह नहीं है। यूक्रेन के ऊर्जा मंत्री जर्मन गैलुशेंको ने सोमवार को कहा कि अगर स्लोवाकिया ऐसा करता है तो यूक्रेन, रोमानिया और पोलैंड से बिजली आयात कर इसकी भरपाई करेगा।

मोल्दोवा की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। यह यूक्रेन की सीमा से कटा हुआ देश है और रूस समर्थित अलगाववादियों से जूझ रहा है। ट्रांजिट एग्रीमेंट रद्द होने की आशंका के चलते मोल्दोवा में दिसंबर की शुरुआत में ही 60 दिन की इमरजेंसी लगा दी गई थी। मोल्दोवा की तरह स्लोवाकिया और हंगरी के लिए उतनी दिक्कते नहीं है क्योंकि ये देश अभी भी काला सागर में बिछे तुर्कस्ट्रीम पाइपलाइन से रूसी गैस खरीद रहे हैं।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.