ताजा खबर
राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर 2’ को बताया गेम-चेंजर, कहा – “गॉडफादर का भी गॉडफादर”   ||    कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||   

रूस में मौलानाओं ने 4 शादी का फतवा वापस लिया, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Tuesday, December 24, 2024

मुंबई, 24 दिसंबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। रूस की एक टॉप इस्लामिक संस्था (DUM) ने मुस्लिम पुरुषों को 4 पत्नियां रखने की अनुमति देने वाले विवादास्पद फतवा को वापस ले लिया है। आरटी न्यूज के मुताबिक 17 दिसंबर को इस्लामिक बॉडी DUM ने एक से ज्यादा महिलाओं के साथ विवाह की अनुमति देने की मांग करते हुए एक फतवा जारी किया था। इसमें पत्नी के खराब हेल्थ या फिर बूढ़ी होने पर दोबारा शादी को मंजूरी दी गई थी। फतवे में कहा गया था कि एक शख्स 4 पत्नियां रख सकता है, बशर्ते वह सभी पत्नियों को बराबर सुख-सुविधा देने के साथ बराबर समय भी दे। दस्तावेज में सभी पत्नियों के साथ निष्पक्ष या समान बर्ताव करने की भी शर्तें थीं। हालांकि इसकी पूरे देश में आलोचना हो रही थी। फतवा जारी होने के 6 दिन बाद सोमवार को सरकार ने इस्लामिक संस्था को नोटिस भेजा। इसके कुछ ही घंटे बाद DUM ने फतवा वापस लेने की घोषणा की। DUM के अध्यक्ष शमील अलयाउतदीनोव ने फतवा वापस लेने को लेकर कहा कि यही अल्लाह की इच्छा है। इस मसले पर बहस करने का कोई मतलब नहीं है।

वहीं, मानवाधिकार परिषद के सदस्य किरिल कबानोव ने इस्लामिक धर्मगुरुओं पर देश में शरिया कानून लागू करने की कोशिश करने और रूसी संविधान का अनादर करने का आरोप लगाया। संसदीय परिवार मामलों की प्रमुख नीना ओस्तानिना ने कहा कि फतवा रूसी धर्मनिरपेक्षता को कमजोर करता है। उन्होंने बहुविवाद को नैतिकता और पारंपरिक मूल्यों के खिलाफ बताया। इस दस्तावेज का बचाव करते हुए मॉस्को के मुफ्ती इल्दर अलयाउतदीनोव ने कहा कि चार विवाह की अनुमति देने वाले फतवा ने बहुविवाह को वैध नहीं बनाया है और न ही देश के धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को कमजोर किया है। इल्दर ने कहा कि फतवा ने सिर्फ इस्लामी सिद्धांत को साफ किया है। इसे कानूनी अधिकार बनाने की कोशिश नहीं हो रही है।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.