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ब्रिगिट मैक्रों ने यूट्यूबर महिलाओं पर सुप्रीम कोर्ट में किया केस, लिंग पहचान पर अफवाह फैलाने का आरोप, जानिए पूरा मामला

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Posted On:Tuesday, July 15, 2025

मुंबई, 15 जुलाई, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिगिट मैक्रों ने अपनी लिंग पहचान को लेकर फैलाई गई झूठी अफवाहों के खिलाफ दो महिला यूट्यूबर के खिलाफ अब फ्रांस की सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इन यूट्यूबरों ने दावा किया था कि ब्रिगिट वास्तव में महिला नहीं बल्कि पुरुष हैं और उनका असली नाम ज्यां-मिशेल ट्रोग्नेक्स है। जबकि यह नाम ब्रिगिट के भाई का है, जिनसे उनकी शक्ल काफी हद तक मिलती है। यह विवाद पहली बार दिसंबर 2021 में तब सामने आया, जब यूट्यूबर अमंडाइन रॉय ने पत्रकार नताशा रे का इंटरव्यू किया। चार घंटे लंबे इस इंटरव्यू में नताशा ने दावा किया कि उन्होंने तीन साल तक रिसर्च के बाद इस नतीजे पर पहुंची हैं कि ब्रिगिट ने लिंग परिवर्तन कर शादी की थी।

यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया और दुनियाभर में इसे लेकर साजिश की थ्योरी फैलने लगी। फ्रांस में ब्रिगिट और उनके परिवार ने इसे पूरी तरह झूठ और मानहानिकारक बताया और दोनों महिलाओं के खिलाफ पेरिस की एक अदालत में मुकदमा दायर किया। कोर्ट ने सितंबर 2023 में फैसला सुनाते हुए यूट्यूबरों को दोषी करार दिया और ब्रिगिट को 7 लाख तथा उनके भाई को 5 लाख रुपए का हर्जाना देने का आदेश दिया। लेकिन इसी साल 10 जुलाई को पेरिस की एक अपील अदालत ने यह फैसला पलट दिया। अब ब्रिगिट और उनके भाई ने सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ अपील की है। इस विवाद ने अमेरिका में भी तेजी से तूल पकड़ा, जहां ट्रंप समर्थक पत्रकार कैंडेस ओवेन्स और टकर कार्लसन ने इसे लेकर कई वीडियो बनाए और इसे "मानव इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक घोटाला" कहा। ओवेन्स ने दावा किया कि ब्रिगिट और उनके भाई वास्तव में एक ही व्यक्ति हैं और लिंग परिवर्तन के बाद ब्रिगिट ने इमैनुएल मैक्रों से विवाह किया। ओवेन्स ने अपनी पूरी पत्रकारिता की प्रतिष्ठा इस दावे पर दांव पर लगा दी।

इन दावों को लेकर राष्ट्रपति मैक्रों की कानूनी टीम ने ओवेन्स को जनवरी 2025 में नोटिस भेजा, जिसमें स्पष्ट किया गया कि ब्रिगिट मैक्रों को अपनी महिला होने का प्रमाण किसी को नहीं देना है और ओवेन्स का रवैया अपमानजनक और मानहानिकारक है। बावजूद इसके, ओवेन्स पीछे नहीं हटीं और उन्होंने यूट्यूब पर "Becoming Brigitte" नाम की एक वीडियो सीरीज शुरू की, जिसमें उन्होंने बार-बार ब्रिगिट की लिंग पहचान पर सवाल उठाए। फरवरी 2025 में ओवेन्स ने फ्रांसीसी पत्रकार जेवियर पौसार्ड का इंटरव्यू भी किया, जिन्होंने "Becoming Brigitte" नामक एक किताब लिखी है। यह किताब अमेजन पर बेस्टसेलर बन चुकी है। ओवेन्स का कहना है कि यह एक बड़ा राज है, जिसे फ्रांसीसी सरकार और मीडिया मिलकर छिपा रहे हैं। अब ब्रिगिट मैक्रों की सुप्रीम कोर्ट याचिका इस पूरे विवाद का अगला कानूनी अध्याय तय करेगी।


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