ताजा खबर
कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||    ब्रिटेन से निकाले जाएंगे लाखों मुसलमान! भारत पर सबसे ज्यादा असर कैसे?   ||   

अजरबैजान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान में उठाया कश्मीर मुद्दा, कहा समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत हो, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Thursday, May 30, 2024

मुंबई, 30 मई, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बायरामोव दो दिवसीय यात्रा पर पाकिस्तान में हैं। यात्रा के दूसरे दिन उन्होंने पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ दिया। जेहुन बायरामोव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर अजरबैजान की स्थिति हमेशा एक जैसी रही है। अजरबैजान कश्मीर मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक है। हमारा मानना है कि कश्मीर समस्या का समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत होना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजरबैजान के विदेश मंत्री ने नागोर्नो-काराबाख मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार के राजनीतिक और नैतिक समर्थन की भी सराहना की। इसके जवाब में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बारयामोव के कश्मीर मुद्दे को उठाने पर उनका धन्यवाद दिया।

आपको बता दें, अजरबैजान के भारत से नाराज होने की वजह ये है कि भारत अर्मेनिया को समर्थन देता है। जबकि अजरबैजान और अर्मेनिया के बीच सीमा विवाद के चलते सालों से तनाव की स्थिति है। दरअसल,​ ​नागोर्नो-काराबाख इलाका तीन दशक से भी अधिक समय से अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच विवाद का कारण बना हुआ है। दोनों देश इस इलाके पर कब्जा करना चाहते हैं। ये इलाका अंतरराष्‍ट्रीय रूप से अजरबैजान का हिस्‍सा है, लेकिन यहां रहने वाली अधिकांश आबादी आर्मेनियाई मूल की है। यही वजह है कि दोनों देश इस इलाके को अपना हिस्सा बताते हैं। 1991 में नागोर्नो-कारबाख के लोगों ने अजरबैजान से आजादी और खुद को आर्मेनिया का हिस्सा घोषित कर दिया था। इसके बाद से आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच इस हिस्से पर कब्जा करने को लेकर संघर्ष होता रहता है। आर्मेनिया-अजरबैजान के बीच अब तक 2 बड़ी लड़ाईयां हो चुकी हैं। दोनों देशों के बीच 2023 में भी झड़प हुई थी। इस इलाके में चलने वाले संघर्ष की वजह से अभी तक 30 हजार से ज्यादा आम नागरिक मारे जा चुके हैं।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.