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कौन हैं मरियम सोलाईमानखिल? बोलीं, ‘पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध, तो हम…’

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Posted On:Thursday, May 15, 2025

भारत और पाकिस्तान के बीच जारी बढ़ते तनाव के बीच अफगानिस्तान की निर्वासित संसद की सदस्य मरियम सोलाईमानखिल का बयान सामने आया है। ANI को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने न सिर्फ भारत-पाकिस्तान संबंधों पर खुलकर बात की, बल्कि पाकिस्तान पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “अफगानिस्तान का सच्चा दोस्त हमेशा भारत रहा है” और युद्ध की स्थिति में अफगान लोगों की एकजुटता भारत के साथ है।

कौन हैं मरियम सोलाईमानखिल?

मरियम सोलाईमानखिल अफगानिस्तान की निर्वासित संसद की सक्रिय सदस्य हैं और तालिबान की कड़ी आलोचक मानी जाती हैं। उनका जन्म वर्ष 1984 में कैलिफोर्निया, अमेरिका में हुआ था। उन्होंने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिल्स से मीडिया स्टडीज में बीएस की डिग्री प्राप्त की। अफगानिस्तान लौटने से पहले वे अमेरिका में ब्यूटीशियन के रूप में कार्य करती थीं। आज, वे लोकतंत्र, मानवाधिकार और आतंकवाद विरोधी मुद्दों की मुखर प्रवक्ता हैं।

‘भारत और अफगान भाई-बहन जैसे’

मरियम सोलाईमानखिल ने भारत के प्रति अफगान नागरिकों की भावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा,

“भारत हमेशा से अफगानिस्तान का सच्चा दोस्त रहा है। जब भी भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध या तनाव की स्थिति बनी, हमने अफगानों की एकजुटता देखी। अफगानों ने साफ कहा कि वे भारत के साथ हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि अफगानी लोग झूठ को पहचानते हैं और पाकिस्तान के दोहरे रवैये को समझते हैं। उनके मुताबिक, अफगानी लोग कभी उस देश के साथ नहीं खड़े हो सकते जो आतंकवाद को बढ़ावा देता है।

‘भारत ने जो किया, वह जिम्मेदाराना था’

भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों का समर्थन करते हुए मरियम ने कहा:

“भारत ने जो भी किया, वह बेहद जरूरी और जिम्मेदाराना कदम था। पाकिस्तान ने कश्मीर में घुसपैठ की, निर्दोषों की जान ली – ऐसे में भारत को जवाब देना ही था। भारत ने आतंकवादी ठिकानों पर हमला करके एक साहसी और सही निर्णय लिया।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देता है, शिविरों में प्रशिक्षण देता है, और फिर खुद को पीड़ित बताता है। भारत की कार्रवाई, उनके अनुसार, आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का हिस्सा है।

पाकिस्तान से सब परेशान

मरियम ने पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति और सैन्य तानाशाही पर भी हमला बोला। उन्होंने बताया कि केवल बलूच ही नहीं, बल्कि पश्तून, सिंधी और पंजाबी भी वहां की सैन्य सत्ता से परेशान हैं। उन्होंने बलूच कार्यकर्ता महरंग बलूच का उदाहरण देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोग जेलों में हैं, जबकि आतंकवादी आजादी से घूमते हैं।

उनका कहना था:

“पाकिस्तान में दशकों से बलूचों को जबरन गायब किया जा रहा है, हत्याएं की जा रही हैं और कोई जवाबदेही नहीं है। यह एक सैन्य-तानाशाही राज्य बन चुका है जो आतंकवाद को संरक्षण देता है।”

‘पाकिस्तान दुनिया को डराता है’

मरियम ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान न सिर्फ आतंकवादियों को पनाह देता है, बल्कि वह अमेरिका को बलि का बकरा बनाता है और दुनिया को धमकाने की रणनीति अपनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की असली सूरत पहचाननी चाहिए।

भारत को खुला समर्थन

अंत में उन्होंने एक बार फिर भारत के प्रति अपना समर्थन दोहराया और कहा:

“अफगान जनता पूरे दिल से भारत के साथ खड़ी है। भारत ने हर मुश्किल वक्त में अफगानिस्तान की मदद की है, चाहे वह पुनर्निर्माण हो, शिक्षा हो या स्वास्थ्य सेवाएं।”

निष्कर्ष

मरियम सोलाईमानखिल का बयान भारत के लिए एक राजनयिक समर्थन से कम नहीं है। ऐसे वक्त में जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव गहराया हुआ है, अफगान संसद की एक निर्वासित सदस्य का भारत के प्रति खुला समर्थन वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान की नीतियों के खिलाफ उभरती नाराजगी को दर्शाता है। साथ ही यह भी स्पष्ट करता है कि भारत को अपने पड़ोस में अब भी भरोसेमंद सहयोगी मिल रहे हैं जो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उसके साथ हैं।


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