ताजा खबर
राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर 2’ को बताया गेम-चेंजर, कहा – “गॉडफादर का भी गॉडफादर”   ||    कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||   

भारत से हार के बाद फिर आसिम मुनीर की गीदड़ भभकी, सिंधु समझौते पर कही ये बात

Photo Source :

Posted On:Friday, May 30, 2025

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान जाने के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 23 अप्रैल को सिंधु जल संधि को स्थगित करने का ऐलान किया। यह फैसला एक कड़ा संदेश है कि भारत अब आतंकवाद के साथ-साथ उन समझौतों पर भी पुनर्विचार करेगा जो शांति और सहयोग की भावना से जुड़े थे, लेकिन जिनका सम्मान पाकिस्तान की ओर से नहीं किया जा रहा।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: "जल अधिकारों से कोई समझौता नहीं"

भारत के इस कदम के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसीम मुनीर ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने "जल अधिकारों" से किसी भी हालत में समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान के 24 करोड़ नागरिकों के मूल अधिकारों से जुड़ा मामला है और इस पर समझौते का सवाल ही नहीं उठता।

मुनीर ने भारत पर वर्चस्व की राजनीति का आरोप लगाया और कहा कि पाकिस्तान भारतीय आधिपत्य को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत बलूचिस्तान में आतंकवाद को समर्थन दे रहा है और वहां की अस्थिरता में उसकी भूमिका है।

भारत की दो टूक: आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं

भारत ने पाकिस्तान के इन आरोपों और बयानों पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ-साफ कहा, “आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं चल सकते।” उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमापार आतंकवाद को समर्थन देता रहेगा, तब तक किसी भी प्रकार की बातचीत का प्रश्न ही नहीं उठता।

जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की पाकिस्तान से बातचीत केवल दो अहम बिंदुओं पर केंद्रित होगी:

  1. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को भारत को सौंपना।

  2. आतंकवाद पर ठोस और निर्णायक कार्रवाई

भारत ने पाकिस्तान को पहले ही उन वांछित आतंकवादियों की सूची सौंपी हुई है जिन्हें भारत सौंपने की मांग करता है, लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

सिंधु जल संधि: क्या है इसका महत्व?

सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी, जिसके तहत भारत ने पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) पर नियंत्रण पाकिस्तान को दिया और पूर्वी नदियों (रावी, सतलुज, ब्यास) का उपयोग भारत को मिला। यह समझौता अब तक दोनों देशों के बीच चले आ रहे कुछ स्थायी समझौतों में से एक माना जाता रहा है, लेकिन हालिया आतंकवादी हमले के बाद भारत ने इसे स्थगित करने का निर्णय लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि "आतंक और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते, आतंक और व्यापार एक साथ नहीं चल सकते, और पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।" यह बयान अब भारत की नीति का स्पष्ट संकेत बन गया है।

पाकिस्तान में मतभेद

दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारत के साथ शांति वार्ता की इच्छा जताते हैं, वहीं पाकिस्तान की सेना और ISI भारत पर आरोप लगाने और धमकी देने से पीछे नहीं हटते। इससे साफ पता चलता है कि पाकिस्तान में खुद नीति निर्धारण को लेकर मतभेद हैं।

निष्कर्ष

भारत ने इस बार स्पष्ट कर दिया है कि अब नीतियों में "रणनीतिक सहनशीलता" नहीं, बल्कि "रणनीतिक प्रतिरोध" की नीति अपनाई जाएगी। सिंधु जल संधि का स्थगन इस दिशा में एक निर्णायक कदम है। पाकिस्तान चाहे जितनी भी बयानबाजी कर ले, भारत अब केवल उन्हीं मुद्दों पर बातचीत करेगा जो उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता से जुड़े हैं।

अब सवाल यह है कि पाकिस्तान अपनी आतंकी नीति से पीछे हटता है या फिर खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी अधिक अलग-थलग करवा लेता है। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है — अब शब्दों से नहीं, काम से होगा जवाब।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.