ताजा खबर
राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर 2’ को बताया गेम-चेंजर, कहा – “गॉडफादर का भी गॉडफादर”   ||    कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||   

खो-खो विश्व कप: मंगेश जगताप ने दिलाई ऑस्ट्रेलिया को रोमांचक जीत, परिवार ने जताया गर्व

Photo Source : Faridabad latest news

Posted On:Friday, January 17, 2025

पुणे न्यूज डेस्क: पुरुष खो-खो विश्व कप के ग्रुप डी चरण में ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया के बीच का मुकाबला बेहद रोमांचक था। मैच के अंतिम 50 सेकंड्स में स्कोरबोर्ड पर ऑस्ट्रेलिया 35 और मलेशिया 34 लिखा था। ऑस्ट्रेलिया के 18 वर्षीय डिफेंडर मंगेश जगताप पर अपनी टीम के लिए जीत सुनिश्चित करने का दबाव था। आखिरी क्षणों में, मंगेश ने मलेशियाई हमलावरों को चकमा देते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई। उनकी शानदार परफॉर्मेंस के बाद साथी खिलाड़ियों ने उन्हें घेर लिया, जिसमें उनके बड़े भाई तेजस भी शामिल थे।

मंगेश के पिता संदीप जगताप, जो खुद पुणे में फुटबॉल खेलते थे, ने इस पल को परिवार के खेल इतिहास का सबसे बड़ा क्षण बताया। संदीप 2004 में ऑस्ट्रेलिया शिफ्ट हो गए थे, जहां उनके दोनों बेटे मंगेश और तेजस अब खो-खो खेलते हैं। दिल्ली में हो रहे इस विश्व कप में ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। हालांकि, इस जीत के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की टीम ग्रुप में तीसरे स्थान पर रही और अगले दौर के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई।

मंगेश का टूर्नामेंट प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने चार मैचों में दो बार "बेस्ट अटैकर" और दो बार "बेस्ट प्लेयर" का पुरस्कार जीता। मंगेश के मुताबिक, खो-खो एक तेज़, चपलता और रणनीति वाला खेल है, जिसमें कौशल और बैलेंस की ज़रूरत होती है। उन्होंने बताया कि कुछ टीमें तेज़ खिलाड़ियों के बावजूद हार जाती हैं, क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी रणनीति में बेहतर होते हैं।

जगताप परिवार के लिए खेल हमेशा से जीवन का अहम हिस्सा रहा है। मंगेश और तेजस ने सिडनी में हिंदू स्वयंसेवक संघ की इकाई में टूर्नामेंट खेलकर खो-खो की शुरुआत की थी। उन्होंने दो साल पहले अपना पहला मैच खेला और अनुभवी खिलाड़ी सुखदा बापट के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। कुछ महीने पहले, दोनों भाइयों को ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय पुरुष टीम के लिए चुना गया, जिसमें आधे से अधिक खिलाड़ी भारतीय मूल के हैं।

ऑस्ट्रेलिया में रहते हुए भी जगताप परिवार का पुणे से गहरा नाता है। वे हर साल या दो साल में पुणे आते हैं। मंगेश को सुजाता मस्तानी बहुत पसंद है, जबकि तेजस संदीप होटल में खाने और शनिवार वाड़ा जैसे स्थलों पर जाने का आनंद लेते हैं। सोलापुर में भी उनके परिवार के सदस्य रहते हैं। हालांकि, इस साल मंगेश पुणे नहीं आ सके क्योंकि उनकी प्राथमिकता विश्व कप थी।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.