ताजा खबर
कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||    ब्रिटेन से निकाले जाएंगे लाखों मुसलमान! भारत पर सबसे ज्यादा असर कैसे?   ||   

भारतीय वायुसेना ने रचा मानवता का मिशन: पुणे से दिल्ली तक अंग पहुंचाकर बचाईं ज़िंदगियां

Photo Source : Twitter

Posted On:Saturday, June 21, 2025

पुणे न्यूज डेस्क: भारतीय वायुसेना और सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (AFMS) ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। 18 जून की रात एक जीवन रक्षक मिशन के तहत पुणे के कमांड अस्पताल से दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) तक अंगों को सुरक्षित और तेज़ी से पहुंचाया गया। इस मिशन में एक लिवर और दो किडनियां शामिल थीं, जिन्हें एक ब्रेन-डेड सैनिक के परिजन ने दान किया था।

इस बेहद संवेदनशील ऑपरेशन को रातोंरात अंजाम दिया गया। भारतीय वायुसेना के विशेष ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की मदद से अंगों को पुणे से दिल्ली तक कम समय में पहुंचाया गया, जिससे ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकी। यह मिशन कई ज़िंदगियों को नया जीवन देने का माध्यम बना।

इस संयुक्त अभियान की अगुवाई भारतीय वायुसेना और AFMS ने मिलकर की। इस प्रयास ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि देश की सेनाएं केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर हर मोर्चे पर नागरिकों के लिए खड़ी रहती हैं। यह मिशन ‘सेवा से परे सेवा’ (Service Beyond Self) के सिद्धांत का बेहतरीन उदाहरण है।

मानवीय सहायता में सेना की भूमिका हर बार प्रेरणादायक रही है। चाहे आपदा हो या मेडिकल इमरजेंसी, भारतीय सशस्त्र बल हर बार तत्पर दिखाई देते हैं। यह ऑपरेशन न सिर्फ तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण था, बल्कि सेवा भावना और संवेदनशीलता का भी परिचायक रहा। इससे यह संदेश भी गया कि देश की रक्षा करने वाले सैनिक ज़रूरत पड़ने पर देशवासियों को जीवनदान भी दे सकते हैं।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.