ताजा खबर
कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||    ब्रिटेन से निकाले जाएंगे लाखों मुसलमान! भारत पर सबसे ज्यादा असर कैसे?   ||   

कब खेली जाती है बरसाना-नंदगांव में लठमार होली? जानें इसके पीछे क्या है कहानी

Photo Source :

Posted On:Tuesday, March 19, 2024

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, होली का त्योहार हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस साल होली का त्योहार 25 मार्च, सोमवार को मनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में अलग-अलग तरह से होली मनाई जाती है, जिसमें ब्रज की लट्ठमार होली भी शामिल है. ब्रज की लट्ठमार होली देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मशहूर है.होली के दिन घरों में एक अलग ही माहौल होता है. कई मंदिरों में एक अलग ही भव्यता भी देखने को मिलती है. देश में कई प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर हैं जहां लोग होली खेलने आते हैं। आज हम आपको ब्रज की प्रसिद्ध लट्ठमार होली से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में बताएंगे।

लट्ठमार होली कब खेली जाती है?

आमतौर पर होली का त्योहार एक या दो दिन मनाया जाता है, लेकिन ब्रज में होली 40 दिनों तक खेली जाती है। ब्रज के बरसाना, वृन्दावन, मथुरा और नंदगांव जैसे इलाकों में होली बहुत अलग ढंग से खेली जाती है। यहां हर क्षेत्र की होली एक दूसरे से अलग होती है. यहां 40 दिनों तक आपको सभी भक्त राधा रानी और श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन नजर आएंगे। आपको बता दें कि बरसाना में हर साल फाल्गुन माह में पड़ने वाली शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को लट्ठमार होली खेली जाती है।

कब है नंदगांव की लट्ठमार होली?

आपको बता दें कि हर साल नंद गांव के पुरुष होली खेलने बरसाना आते हैं, जहां महिलाएं उन पर लाठियां बरसाती हैं। जबकि पुरुष खुद को बचाने की कोशिश करते हैं. सबसे पहले 18 मार्च को बरसाना में होली खेली जाती है, उसके बाद 19 मार्च को नंद गांव में लट्ठमार होली खेली जाती है. हर साल बड़ी संख्या में लोग लट्ठमार होली खेलने के लिए ब्रज आते हैं।

लट्ठमार होली क्यों मनाई जाती है?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब श्रीकृष्ण राधा रानी के साथ होली मनाने के लिए बरसा में आए थे, तो वे राधा रानी और उनकी सखियों के साथ हंसी-मजाक करते थे। तब श्रीराधा और उनकी सखियाँ श्री कृष्ण के पीछे लाठियाँ लेकर दौड़ रही थीं। इसके बाद बरसाना में लट्ठमार होली खेलने की परंपरा शुरू हुई। इसीलिए आज भी यहां लट्ठमार होली खेली जाती है।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.