ताजा खबर
कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||    ब्रिटेन से निकाले जाएंगे लाखों मुसलमान! भारत पर सबसे ज्यादा असर कैसे?   ||   

कोविड में जान गंवाने वाले प्राइवेट डॉक्टरों को बीमा लाभ देने पर सुप्रीम कोर्ट ने रखी सख्त राय, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Tuesday, October 28, 2025

मुंबई, 28 अक्टूबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कोविड-19 के दौरान जान गंवाने वाले निजी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सरकारी बीमा योजना का लाभ देने से जुड़े मामले पर सुनवाई की। अदालत ने कहा कि अगर न्यायपालिका डॉक्टरों के साथ खड़ी नहीं होगी, तो समाज इसे कभी माफ नहीं करेगा। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करे कि बीमा कंपनियां वैध दावों का भुगतान करें। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह सोच गलत है कि निजी डॉक्टर केवल मुनाफे के लिए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान डॉक्टरों ने अपने प्राणों की आहुति दी, इसलिए उनके परिवारों को न्याय मिलना जरूरी है। इस मामले पर अदालत ने फिलहाल फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह याचिका प्रदीप अरोड़ा और अन्य लोगों द्वारा दायर की गई थी, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के 9 मार्च 2021 के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि निजी अस्पतालों के डॉक्टरों या कर्मचारियों को बीमा का लाभ तभी मिलेगा जब सरकार ने उनकी सेवाएं आधिकारिक रूप से ली हों।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (PMGKP) के अलावा क्या ऐसी और बीमा योजनाएं हैं जिनसे निजी स्वास्थ्यकर्मियों को भी लाभ मिल सके। अदालत ने कहा कि वह एक ऐसा दिशानिर्देश तय करेगी, जिसके आधार पर बीमा कंपनियां भविष्य में ऐसे मामलों में निर्णय लेंगी। मामला किरण भास्कर सुर्गडे से भी जुड़ा है, जिन्होंने कोविड महामारी के दौरान अपने पति को खो दिया था। उनके पति ठाणे में एक निजी क्लीनिक चलाते थे, लेकिन बीमा कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनका क्लीनिक मान्यता प्राप्त कोविड अस्पताल नहीं था। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज मार्च 2020 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत कोविड ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के परिवार को 50 लाख रुपए तक का बीमा कवर देने का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट अब यह तय करेगा कि क्या निजी डॉक्टरों के परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिल सकता है।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.