ताजा खबर
राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर 2’ को बताया गेम-चेंजर, कहा – “गॉडफादर का भी गॉडफादर”   ||    कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||   

अर्मेनिया के प्रधानमंत्री और चर्च प्रमुख के बीच तनातनी, खतना और ब्रह्मचर्य जैसे आरोपों तक पहुंचा विवाद

Photo Source :

Posted On:Thursday, June 26, 2025

मुंबई, 26 जून, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सड़क परिवहन निगम के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें मेडिकल अनफिट ड्राइवर्स को बस चलाने की ड्यूटी पर लगाया गया था। यह फैसला जस्टिस सुदेश बंसल की अदालत ने छतर सिंह और अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया। कोर्ट ने इस आदेश को यात्रियों की जान को खतरे में डालने वाला करार दिया और रोडवेज की कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति जताई। याचिका में कहा गया था कि अलवर के चीफ मैनेजर ने बिना किसी मेडिकल बोर्ड की जांच के ऐसे ड्राइवर्स की रूट ड्यूटी लगा दी है जो शारीरिक रूप से अक्षम हैं। नियमों के अनुसार, जिन ड्राइवर्स को मेडिकल बोर्ड ने अनफिट घोषित किया हो, उन्हें बस चलाने जैसी हैवी ड्यूटी नहीं दी जा सकती। उन्हें बुकिंग विंडो, टाइम कीपर, सुरक्षा गार्ड, मेंटिनेंस या लिपिकीय कार्यों में लगाया जाना चाहिए। याचिकाकर्ताओं के वकील विनायक जोशी ने कोर्ट को बताया कि ये ड्राइवर्स सालों से सेवा में हैं लेकिन एक्सीडेंट की वजह से किसी के पांव में तो किसी के हाथ में रॉड लगी हुई है। ऐसे में उन्हें दोबारा बिना मेडिकल जांच के रूट पर भेजना न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि यात्रियों की जान के साथ भी खिलवाड़ है।

मुख्यालय के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि ऐसे मामलों में मेडिकल बोर्ड की जांच जरूरी है और उसी रिपोर्ट के आधार पर कोई भी निर्णय लिया जाना चाहिए। इसके बावजूद अलवर के अधिकारी ने मनमानी करते हुए अनफिट ड्राइवर्स को बस संचालन की जिम्मेदारी दे दी। पिछली सुनवाई पर जब रोडवेज की ओर से कोई प्रतिनिधि कोर्ट में पेश नहीं हुआ तो हाईकोर्ट ने रोडवेज के प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा को तलब किया। गुरुवार को वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में उपस्थित हुए और गैरहाजिरी को लेकर स्पष्टीकरण दिया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। वहीं, रोडवेज के वकील ने कोर्ट को बताया कि जिन अधिकारियों ने मेडिकल जांच के बिना अनफिट ड्राइवर्स को ड्यूटी पर भेजा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हाईकोर्ट के इस आदेश को यात्रियों की सुरक्षा और ड्राइविंग मानकों के पालन की दिशा में एक सख्त संदेश माना जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि नियमों की अनदेखी कर किसी की जान जोखिम में न डाली जाए।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.