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बालासोर रेल हादसे की CBI चार्जशीट में 3 अफसरों के नाम, जानिए पूरा मामला

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Posted On:Saturday, September 2, 2023

मुंबई, 2 सितम्बर, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। ओडिशा के बालासोर में 2 जून को हुए रेल हादसे में सीबीआई की चार्जशीट में तीन रेलवे अफसरों के नाम हैं। तीनों पर गैर इरादतन हत्या और सबूत मिटाने के आरोप हैं। इनमें सीनियर सेक्शन इंजीनियर अरुण कुमार मोहंता, सेक्शन इंजीनियर मोहम्मद आमिर खान और टेक्नीशियन पप्पू कुमार शामिल हैं। CBI ने भुवनेश्वर की स्पेशल कोर्ट में 24 अगस्त को अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें जांच एजेंसी ने बताया कि पटरी पर बिना अप्रूवल हो रहे मरम्मत कार्य की वजह से ट्रेन हादसा हुआ था। इससे पहले बहनागा बाजार स्टेशन के लेवल क्रॉसिंग गेट नंबर 94 पर बिना मंजूरी के मरम्मत का काम किया गया था। CBI ने कहा कि सीनियर डिवीजनल सिग्नल और टेलीकॉम इंजीनियर की मंजूरी के बिना ही वहां रिपेयरिंग वर्क हुआ था। इसके लिए सर्किट डायग्राम भी पास नहीं कराया गया था।

आपको बता दें, CBI ने जुलाई में कहा था कि इन तीनों की लापरवाही के कारण ही हादसा हुआ था। जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया था कि तीनों आरोपी जानते थे कि उनकी लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है। दुर्घटना की जांच कर रहे रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) ने जुलाई के शुरुआती हफ्ते में हादसे के लिए सिग्नलिंग विभाग के कर्मचारियों की मानवीय भूल को जिम्मेदार ठहराया था। 7 जुलाई को CBI ने तीनों आरोपियों को अरेस्ट किया था। 11 जुलाई को कोर्ट ने इन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। रेल हादसे में 293 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और 1200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। तो वहीँ, हादसे की जांच CBI के अलावा रेलवे बोर्ड की ओर से कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) ने भी की है। 3 जुलाई को CRS ने 40 पेज की रिपोर्ट बोर्ड को सौंपी थी। इसके मुताबिक, लेवल-क्रॉसिंग लोकेशन बॉक्स के अंदर तारों की गलत लेबलिंग की वजह से ऑटोमेटेड सिग्नलिंग सिस्टम में गड़बड़ी हुई, जो हादसे का कारण बनी। क्रॉसिंग लोकेशन बॉक्स में तारों की गलत लेबलिंग के बारे में सालों तक मालूम ही नहीं चला। मेंटेनेंस के दौरान भी इसमें गड़बड़ी हुई।

दरअसल, 2 जून की शाम को चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस मेन लाइन के बजाय लूप लाइन में घुस गई, जहां मालगाड़ी खड़ी थी। ट्रेन मालगाड़ी से टकरा गई। कोरोमंडल और मालगाड़ी की कुछ बोगियां बगल के ट्रैक पर बिखर गईं। इसके थोड़ी देर बाद ही ट्रैक पर बिखरे डिब्बों से हावड़ा-बेंगलुरु एक्सप्रेस टकरा गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हादसे में 295 लोगों की मौत हुई और 1100 से ज्यादा लोग घायल हुए।


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