ताजा खबर
राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर 2’ को बताया गेम-चेंजर, कहा – “गॉडफादर का भी गॉडफादर”   ||    कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||   

ISRO के पूर्व चीफ डॉ के कस्तूरीरंगन का हुआ निधन, अंतिम दर्शन के लिए रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट में रखा जाएगा पार्थिव शरीर, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Friday, April 25, 2025

मुंबई, 25 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के पूर्व चीफ डॉ के कस्तूरीरंगन का निधन हो गया। वे 84 साल के थे। अधिकारियों ने बताया कि कस्तूरीरंगन ने बेंगलुरु में अपने घर पर अंतिम सांस ली। 27 अप्रैल को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट में रखा जाएगा। कस्तूरीरंगन को दो साल पहले दिल का दौरा पड़ा था। उसके बाद से वे बीमार चल रहे थे। कस्तूरीरंगन के नेतृत्व में ISRO ने चंद्रयान जैसे बड़े मिशनों की योजना बनानी शुरू की थी। वे न्यू एजुकेशन पॉलिसी की ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष भी थे।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कस्तूरीरंगन के निधन पर दुख जताया। सोशल मीडिया साइट X पर उन्होंने लिखा- मैं भारत की वैज्ञानिक और शैक्षिक यात्रा में एक महान हस्ती डॉ के कस्तूरीरंगन के निधन से बहुत दुखी हूं। उनका दूरदर्शी नेतृत्व और देश के लिए निस्वार्थ योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने इसरो में बहुत लगन से काम किया और भारत के स्पेस प्रोग्राम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी लीडरशिप में कई अहम सैटेलाइट लॉन्च हुए। उनका फोकस हमेशा इनोवेशन पर रहा। भारत नई शिक्षा नीति (NEP) के लिए हमेशा डॉ कस्तूरीरंगन का आभारी रहेगा। वे कई यंग साइंटिस्ट्स और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए गाइड थे। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, स्टूडेंट्स, साइंटिस्ट्स और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं।

आपको बता दें, कस्तूरीरंगन ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के चांसलर और कर्नाटक नॉलेज कमीशन के अध्यक्ष के रूप में काम किया था। वे 2003 से 2009 तक राज्यसभा के सदस्य थे। UPA सरकार के दौरान कस्तूरीरंगन ने योजना आयोग के सदस्य के रूप में भी काम किया। कस्तूरीरंगन अप्रैल 2004 से 2009 तक बेंगलुरु स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के डायरेक्टर भी थे। वे केंद्र की कई कमेटियों का नेतृत्व किया या उनमें शामिल रहे। उन्होंने उच्च शिक्षा, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण सहित कई मुद्दों पर सरकार को सलाह दी। 1994 में इसरो चीफ बनने से पहले वे इसरो के सैटेलाइट सेंटर के डायरेक्टर थे। यहाँ उन्होंने नई जेनरेशन के स्पेसक्राफ्ट, इंडियन नेशनल सैटेलाइट (इनसैट-2) और देश के पहले रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट IRS-1A और IRS-1B के डिजाइन, डेवलपमेंट और लॉन्चिंग पर काम किया। इसके अलावा भारत के पहले दो एक्सपेरिमेंटल अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट भास्कर-1 और भास्कर-2 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी रहे।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.