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कितने बजे लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण? यहां जानिए क्या भारत में मान्य होगा सूतक काल या नहीं

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Posted On:Saturday, March 29, 2025

खगोल विज्ञान के अनुसार, जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है, तो उसकी छाया पृथ्वी पर पड़ती है और सूर्य ग्रहण होता है। ऐसी स्थिति में सूर्य पूरी तरह या आंशिक रूप से छिप जाता है, जिससे दिन में अंधकार छा जाता है। इस साल का पहला सूर्य ग्रहण शनिवार, 29 मार्च 2025 को लगने जा रहा है। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जो कुछ खास स्थानों पर ही दिखाई देगा। आइए इस खगोलीय घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को विस्तार से समझते हैं।

कहां कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?

  1. यूरोप
  2. उत्तरी ध्रुव
  3. दक्षिण अमेरिका
  4. आंशिक उत्तरी अमेरिका
  5. उत्तरी एशिया
  6. उत्तर-पश्चिम अफ्रीका
  7. आर्कटिक महासागर
  8. अटलांटिक महासागर

सूर्य ग्रहण का समय और अवधि

भारतीय समयानुसार, सूर्य ग्रहण 29 मार्च को दोपहर 2:21 बजे शुरू होगा और शाम 6:14 बजे समाप्त होगा। यह ग्रहण लगभग 3 घंटे 53 मिनट तक चलेगा। इस अवधि के दौरान, चंद्रमा धीरे-धीरे सूर्य को ढंकते हुए अपनी छाया पृथ्वी पर डालेगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जिसका मतलब है कि सूर्य का कुछ हिस्सा ही ढका रहेगा।

सूर्य ग्रहण का सूतक काल और भारत में मान्यता

सूर्य ग्रहण से लगभग 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाता है। मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, भोजन पकाने और खाने की मनाही होती है, गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इस साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा


किन स्थानों पर दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?

इस आंशिक सूर्य ग्रहण को दुनिया के कुछ विशेष भागों में देखा जा सकेगा। मुख्य रूप से:

  • उत्तर और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में

  • अटलांटिक महासागर के कुछ क्षेत्रों में

  • पश्चिमी यूरोप के कुछ देशों में

भारत में यह सूर्य ग्रहण नजर नहीं आएगा, इसलिए यहां इसका प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा।


सूर्य ग्रहण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां

सूर्य ग्रहण के समय कई धार्मिक और वैज्ञानिक मान्यताएं प्रचलित हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो सूर्य ग्रहण के दौरान सीधे सूर्य को न देखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे आंखों को नुकसान हो सकता है।

वैज्ञानिक सावधानियां:

  1. ग्रहण के दौरान सूर्य को नग्न आंखों से न देखें।

  2. सूर्य ग्रहण के विशेष चश्मे (सोलर फिल्टर) का उपयोग करें।

  3. टेलीस्कोप या कैमरा का इस्तेमाल करते समय सोलर फिल्टर का उपयोग करें।

  4. यदि संभव हो तो ग्रहण को लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से देखें।

धार्मिक मान्यताएं:

  1. ग्रहण के दौरान भोजन पकाने और खाने से बचें।

  2. गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

  3. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके साफ-सुथरे वस्त्र धारण करने की परंपरा है।

  4. मंत्र जाप और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व बताया जाता है।


सूर्य ग्रहण के बाद शनि का पारगमन और राशियों पर प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस सूर्य ग्रहण के तुरंत बाद शनि का पारगमन होगा।

  • सूर्य कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश करेगा।

  • शनि 29 मार्च की रात करीब 11 बजे कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेगा।

राशियों पर प्रभाव:

  • मेष और सिंह राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है।

  • वृषभ और तुला राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत होगी।

  • मकर और कुंभ राशि के जातकों को करियर में नई संभावनाएं मिल सकती हैं।

  • कर्क और मीन राशि वालों के लिए यह परिवर्तन सकारात्मक रहेगा।


निष्कर्ष

29 मार्च 2025 को लगने वाला यह आंशिक सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है। हालांकि, भारत में यह दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा। फिर भी, सूर्य ग्रहण को लेकर वैज्ञानिक और धार्मिक दृष्टिकोण से विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण सभी राशियों को अलग-अलग तरह से प्रभावित करेगा।

यदि आप इस अद्भुत खगोलीय घटना को देखना चाहते हैं, तो लाइव स्ट्रीमिंग का सहारा ले सकते हैं। साथ ही, यदि यह आपके क्षेत्र में दिखाई देता है, तो उचित सुरक्षा उपायों का पालन करें।


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