ताजा खबर
कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||    ब्रिटेन से निकाले जाएंगे लाखों मुसलमान! भारत पर सबसे ज्यादा असर कैसे?   ||   

केरल हाईकोर्ट ने कहा- बैंक जब्त घर से बिल्ली मिले तो मालिक को लौटाए, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Wednesday, October 1, 2025

मुंबई, 01 अक्टूबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। केरल हाईकोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एक कर्ज वसूली मामले में सुनवाई करते हुए बैंक को अंतरिम आदेश दिया है कि जिस घर को सीज किया गया है, उसकी तलाशी ली जाए और अगर वहां से बिल्ली मिलती है तो उसे मालिक को लौटा दिया जाए। अदालत ने यह आदेश उस याचिका पर दिया जिसमें कर्जदार ने घर सीज होने के बाद अपने बच्चों के पढ़ाई के सामान और पालतू बिल्ली के घर में फंसे होने की बात कही थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।

मामला चेरथला निवासी मुहम्मद निशाद और उसकी पत्नी से जुड़ा है। उन्होंने बैंक से लोन लिया था और बदले में अपना घर गिरवी रखा था। लोन की किस्तें न चुका पाने पर बैंक ने SARFAESI एक्ट के तहत घर सीज कर लिया। निशाद ने बैंक से समय मांगा, लेकिन राहत नहीं मिली और उसका सारा सामान और पालतू बिल्ली घर के अंदर ही बंद हो गए।

निशाद ने सबसे पहले लोन रिकवरी ट्रिब्यूनल एर्नाकुलम का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से कोई मदद नहीं मिली। फिर उसने मजिस्ट्रेट कोर्ट में याचिका दी, जहां एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया गया। कोर्ट ने निशाद को निर्देश दिया कि वह बैंक को 7.5 लाख रुपये अदा करे, लेकिन रकम चुका न पाने के बाद उसने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट को निशाद ने बताया कि उसके बच्चे नाबालिग हैं और स्कूल में पढ़ते हैं। उनके पढ़ाई का सामान और उसकी बिल्ली घर में फंसी हुई है। इस पर अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए बैंक को कहा कि घर की तलाशी ली जाए और बिल्ली बरामद होती है तो उसे उसके मालिक को लौटा दिया जाए।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.