ताजा खबर
कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||    ब्रिटेन से निकाले जाएंगे लाखों मुसलमान! भारत पर सबसे ज्यादा असर कैसे?   ||   

पत्थर तोड़ने वाली महिला कौन?, जो गया से जीतकर पहुंची थीं संसद, बेटे का कटा टिकट

Photo Source :

Posted On:Saturday, March 30, 2024

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए देश में सियासी मंच तैयार हो चुका है. राजनीतिक दलों के दिग्गज नेता भी चुनावी मैदान में उतर गये हैं. आज हम बात करेंगे बिहार की गया लोकसभा सीट के बारे में, जहां से एक महिला सड़क पर पत्थर तोड़ते हुए संसद पहुंची. आइए जानते हैं भगवती देवी कौन थीं?

भगवती देवी कौन थीं?

भगवती देवी गया जिले में सड़क पर पत्थर तोड़ने का काम करती थीं. वह पत्थर तोड़कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थी। उन्होंने वेतन के साथ-साथ महिलाओं के अधिकारों की भी बात की. वह भले ही सांसद या विधायक रही हों, लेकिन उनकी जीवनशैली में कोई कृत्रिमता नहीं थी। वह सादा जीवन जीती थीं। भगवती देवी के बेटे और बेटी आज राजनीति में हैं. बेटा विजय कुमार मांझी गया से जेडीयू सांसद हैं और बेटी समता देवी बाराचट्टी से राजद विधायक हैं. इस बार गया सीट एनडीए गठबंधन के तहत हम पार्टी के खाते में गयी है. इस सीट से जीतन राम मांझी चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे में पत्थर तोड़ने वाली महिला भगवती देवी के बेटे विजय कुमार मांझी का टिकट काट दिया गया.

पत्थरबाज महिला को संसद ले जाते हैं लालू यादव

राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू यादव भगवती देवी को राजनीति में वापस लाये। उन्होंने 1995 में गया लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था. भगवती देवी गया से चुनाव जीतकर संसद पहुंचीं. संसद में महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली भगवती देवी साल 2000 में दोबारा विधायक बनीं.

समाजवादी पार्टी ने उन्हें सड़क से उठाकर विधायक बनाया

यह साल 1960 की बात है, जब समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता उपेन्द्र नाथ वर्मा गया के दौरे पर थे. इसी दौरान उनकी नजर मुसहर समुदाय की महिला भगवती देवी पर पड़ी, जो कार्यकर्ताओं को भाषण दे रही थीं. उपेन्द्रनाथ भगवती देवी के भाषण से बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने उस प्रसव पीड़ा वाली महिला को डॉक्टर से मिलवाया। राम मनोहर लोहिया के साथ किया गया. यहीं से भगवती देवी की किस्मत चमक गई और वह राजनीति में आ गईं।

भगवती देवी का गाना सुनते ही स्टेडियम तालियों से गूंज उठा

इसी बीच दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में समाजवादियों की एक बैठक हुई, जिसमें भगवती देवी भी शामिल हुईं. इसी बीच भगवती देवी ने गाना गाया, जिससे पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा. भगवती देवी ने 'हम न सहबो हो गली भैया- हम न सहबो गया' गाया।

जानिए कब बनीं विधायक

वर्ष 1969 में बिहार में मध्यावधि चुनाव हुए, जिसमें समाजवादी पार्टी ने भगवती देवी को गया जिले की बाराचट्टी सीट से मैदान में उतारा, जहां से उन्होंने जीत हासिल की. इसके बाद 1972 में वह चुनाव हार गए और फिर 1977 में भगवती देवी विधान सभा सदस्य के रूप में चुनी गईं। 1980 में चुनाव हारने के बाद वह राजनीति से हट गईं और फिर मजदूरी करने लगीं।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.