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धर्मेन्द्र प्रधान, CR पाटिल और केशव प्रसाद मोर्य, BJP की 3 राज्यों में इन 3 नियुक्तियों के क्या मायने?

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Posted On:Friday, September 26, 2025

देश के तीन महत्वपूर्ण राज्यों — पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और बिहार — में आगामी विधान सभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में इन तीनों राज्यों के लिए चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति की गई। यह रणनीति पार्टी की चुनावी स्थिति को बेहतर बनाने के साथ-साथ राज्यों में मौजूद स्थानीय गुटबाजी को कम करने की कोशिशों का हिस्सा है।


चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति का मकसद

भाजपा अक्सर विभिन्न राज्यों में बाहरी नेतृत्व को नियुक्त करती है ताकि नई दृष्टिकोण और रणनीतियों के तहत चुनाव लड़ा जा सके। खासकर उन राज्यों में जहां पार्टी की स्थिति चुनौतीपूर्ण होती है या वोट बैंक में बदलाव की संभावना होती है, वहां बाहरी नेतृत्व से ताजा सोच और बेहतर रणनीति बनाना आसान होता है। इसी कड़ी में, आगामी चुनावों के मद्देनजर भाजपा ने तीनों राज्यों के लिए नए प्रभारी नियुक्त किए हैं।


बिहार विधानसभा चुनाव में धमेन्द्र प्रधान के जिम्मेदारी

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ दो सह-प्रभारियों के रूप में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी जिम्मेदारी दी गई है।
धमेन्द्र प्रधान ने ओडिशा में भाजपा की स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है और हरियाणा में भी किसानों के विरोध के बावजूद पार्टी को जीत दिलाई है। सीआर पाटिल, जो प्रधानमंत्री मोदी के करीबी माने जाते हैं, पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वहीं, केशव प्रसाद मौर्य की नियुक्ति से भाजपा ओबीसी वोटरों को साधने की कोशिश कर रही है, जो बिहार के चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।


पश्चिम बंगाल में भूपेंद्र यादव होंगे चुनाव प्रभारी

पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को चुनाव प्रभारी बनाया है। उनके साथ सह-प्रभारी के रूप में त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को नियुक्त किया गया है।
भूपेंद्र यादव को पार्टी का भरोसेमंद रणनीतिकार माना जाता है, जिन्होंने बिहार, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में पार्टी की जीत में अहम भूमिका निभाई है। वहीं, बिप्लब कुमार देब का चुनावी अनुभव हरियाणा और दिल्ली के चुनावों में साबित हो चुका है, जिससे उनकी नियुक्ति बंगाल में पार्टी की रणनीति को मजबूती देगी।


तमिलनाडु में बैजयंत पांडा की बड़ी जिम्मेदारी

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाने और पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए भाजपा ने बैजयंत पांडा को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। साथ ही, उनके सह-प्रभारी के रूप में मुरलीधर मोहोल को जिम्मेदारी दी गई है।
बैजयंत पांडा पहले दिल्ली, उत्तर प्रदेश और असम के चुनावों में प्रभारी रहे हैं, और दक्षिण भारत में भाजपा की पकड़ मजबूत करने के लिए उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है। मुरलीधर मोहोल, जो पुणे के पूर्व मेयर रह चुके हैं, उनके अनुभव का भी तमिलनाडु में राजनीतिक संगठन मजबूत करने में फायदा होगा।


निष्कर्ष

भारतीय जनता पार्टी की यह नियुक्ति रणनीति स्पष्ट रूप से यह दर्शाती है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कितनी गंभीर है। इन तीन राज्यों में भाजपा अपनी चुनावी स्थिति को सुधारने, स्थानीय गुटबाजी को नियंत्रित करने और नए नेतृत्व के जरिए चुनावी सफलता हासिल करने का प्रयास कर रही है। राज्य स्तर पर बाहरी नेताओं को भेजकर पार्टी ताजी रणनीति और मजबूत संगठन के जरिए राजनीतिक समीकरणों को बदलना चाहती है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनावों में भाजपा की यह नई योजना कितनी कारगर साबित होती है।


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