ताजा खबर
नई शुरुआत की ओर सलमान खान: साउथ के दिग्गजों संग बड़ा प्रोजेक्ट, ‘मातृभूमि’ पर भी नजरें   ||    विवियन डिसेना के घर गूंजी किलकारी: दूसरी बार बने पिता, बेटे के जन्म से परिवार पूरा   ||    नाना बने अनिल कपूर: सोनम कपूर के घर गूंजी किलकारी, परिवार में आया नन्हा मेहमान   ||    समायरा के 17वें जन्मदिन पर दीया मिर्जा का भावुक नोट, अनदेखी तस्वीरों में झलका मां-बेटी का प्यार   ||    राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर 2’ को बताया गेम-चेंजर, कहा – “गॉडफादर का भी गॉडफादर”   ||    कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||   

शहरी इलाकों में तीन महीनों में बढ़ गई बेरोजगारों की संख्या, एक साल में महिलाओं को मिली ज्यादा जॉब

Photo Source :

Posted On:Thursday, May 16, 2024

आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) ने देश में रोजगार की स्थिति को लेकर आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन महीनों में देश के शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर बढ़ी है. हालांकि, पिछले एक साल की तुलना में इसमें थोड़ी गिरावट आई है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में बेरोजगारी दर 6.5 फीसदी थी. जबकि चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में यह बढ़कर 6.7 फीसदी हो गई. इस तिमाही में इसमें 0.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इस सर्वे में 15 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को शामिल किया गया है.

एक साल में सुधार हुआ

आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल में शहरी क्षेत्रों में रोजगार में सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में देश में बेरोजगारी दर 6.8 फीसदी रही. जबकि वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में यह गिरकर महज 6.7 फीसदी रह गई. इस प्रकार, पिछले एक साल में बेरोजगारी दर में 0.1 प्रतिशत की मामूली कमी आई है।

पुरुषों की तुलना में महिलाओं की स्थिति में सुधार हुआ है

रोजगार पाने के मामले में महिलाओं की स्थिति में सुधार हुआ है। महिलाओं में बेरोजगारी दर एक साल पहले (जनवरी-मार्च 2023) 9.2 फीसदी थी जो घटकर 8.5 फीसदी (जनवरी-मार्च 2024) हो गई है. इस अवधि के दौरान पुरुषों में बेरोजगारी दर में वृद्धि हुई। जनवरी-मार्च 2023 में पुरुष बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत थी, जो एक साल बाद जनवरी-मार्च 2024 में बढ़कर 6.1 प्रतिशत हो गई।

श्रम बल की भागीदारी बढ़ी

पिछले एक साल में देश में श्रम बल भागीदारी दर में भी वृद्धि हुई है। जनवरी-मार्च 2023 में यह 48.5 फीसदी थी. अगले साल जनवरी-मार्च 2024 में यह बढ़कर 50.2 फीसदी हो गई. 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में यह भागीदारी बढ़ी है। इसमें पुरुषों की भागीदारी 73.5 फीसदी से बढ़कर 74.4 फीसदी हो गई है. महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी. महिलाओं की यह भागीदारी 22.7 प्रतिशत से बढ़कर 25.6 प्रतिशत हो गयी है।

जानिए- क्या है श्रम शक्ति

आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) किसी देश की आबादी का वह हिस्सा है जो वस्तुओं और सेवाओं (श्रम) के उत्पादन के लिए काम करता है और बदले में पैसा यानी कमाई प्राप्त करता है। पीएलएफएस को वर्ष 2017 में राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) द्वारा लॉन्च किया गया था।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.